प्रेम त्रिकोण दान और भगवद्गीता
हाल की घटनाओं में प्रेम का त्रिकोण तो शायद नीले ड्रम से लेकर पहाड़ी से धकेलने तक में दिख ही […]
हाल की घटनाओं में प्रेम का त्रिकोण तो शायद नीले ड्रम से लेकर पहाड़ी से धकेलने तक में दिख ही […]
मंदिर में साधु बना बैठा राजू गाइड असल में एक चोर था। वैसे चोर कहना तो बहुत सही नहीं होगा […]
“तुम्हारी सोच वैज्ञानिक नहीं है!”—यह जुमला पिछड़ी और विदेशी सोच के लोग अक्सर उछालते हुए मिल जाते हैं। लेकिन क्या […]
कोई नशे में अपनी पत्नी और बेटी को बेच दे, बाद में पछतावा करे, शराब छोड़ दे और मेहनत से […]
तो कहानी है एक साधु महाराज और उनके चेले की जो वनों-पर्वतों में स्थित किसी आश्रम से ग्राम-नगरों की ओर […]
कभी-कभी #भगवद्गीता का अर्थ बार-बार पढ़ने पर बदल कैसे सकता है पूछने वालों को हम #मेघदूत का उदाहरण दे देते […]
पहले तो टीजर, ट्रेलर, गाने इत्यादि आते हैं और हम पहले ही ये मानकर बैठे होते हैं कि किसी पुराने […]
मेलेना को बच्चों के देखने की फिल्म तो नहीं कहा जा सकता। हाँ ये अवश्य है कि फिल्म के मुख्य […]
बोलने की आवाजें पुरानी फिल्मों में नहीं होती थीं और चार्ली चैपलिन करीब-करीब उसी दौर में फ़िल्में बनाते थे। जबतक […]
संभाजी पर हाल में बॉलीवुड में बनी एक फिल्म से विदेशों में देशभक्तों पर बनी फिल्मों की याद आई। मेरे […]