स्नोपियर्सर की क्रांति और भगवद्गीता
कोरियन फिल्मों की श्रेणी में “स्नोपियर्सर” को रखा जाए या नहीं रखा जाए, यह एक बहस का मुद्दा हो सकता […]
कोरियन फिल्मों की श्रेणी में “स्नोपियर्सर” को रखा जाए या नहीं रखा जाए, यह एक बहस का मुद्दा हो सकता […]
किसी अन्य भाषा की फिल्म का नाम भला किसी और भाषा में क्यों रखेंगे? यह सोचते हुए हमने ‘चिकीता’ (Chiquita) […]
यह ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ का दृश्य है, पहचानना कोई मुश्किल काम नहीं। आमतौर पर हम इस दृश्य का प्रयोग लोगों […]
हाल की घटनाओं में प्रेम का त्रिकोण तो शायद नीले ड्रम से लेकर पहाड़ी से धकेलने तक में दिख ही […]
मंदिर में साधु बना बैठा राजू गाइड असल में एक चोर था। वैसे चोर कहना तो बहुत सही नहीं होगा […]
“तुम्हारी सोच वैज्ञानिक नहीं है!”—यह जुमला पिछड़ी और विदेशी सोच के लोग अक्सर उछालते हुए मिल जाते हैं। लेकिन क्या […]
कोई नशे में अपनी पत्नी और बेटी को बेच दे, बाद में पछतावा करे, शराब छोड़ दे और मेहनत से […]
तो कहानी है एक साधु महाराज और उनके चेले की जो वनों-पर्वतों में स्थित किसी आश्रम से ग्राम-नगरों की ओर […]
कभी-कभी #भगवद्गीता का अर्थ बार-बार पढ़ने पर बदल कैसे सकता है पूछने वालों को हम #मेघदूत का उदाहरण दे देते […]
पहले तो टीजर, ट्रेलर, गाने इत्यादि आते हैं और हम पहले ही ये मानकर बैठे होते हैं कि किसी पुराने […]