शॉशेंक रिडेम्पशन और भगवद्गीता
इसाई मान्यताओं को फिल्म में कैसे डाला जा सकता है, उसका एक अच्छा उदाहरण है शॉशेंक रिडेम्पशन। इस फिल्म का […]
इसाई मान्यताओं को फिल्म में कैसे डाला जा सकता है, उसका एक अच्छा उदाहरण है शॉशेंक रिडेम्पशन। इस फिल्म का […]
प्रवीण कुमार का फेसबुक लेख साल 1933। कैलिफोर्निया की बर्कले यूनिवर्सिटी में भौतिकी (Physics) पढ़ाते हुए जे. रॉबर्ट ओपनहाइमर को […]
आमतौर पर बॉलीवुड में सच दिखा देने जितना दम नहीं होता, वो झूठ को महिमामंडित करते हैं। इस वजह से […]
कोरियन फिल्मों की श्रेणी में “स्नोपियर्सर” को रखा जाए या नहीं रखा जाए, यह एक बहस का मुद्दा हो सकता […]
किसी अन्य भाषा की फिल्म का नाम भला किसी और भाषा में क्यों रखेंगे? यह सोचते हुए हमने ‘चिकीता’ (Chiquita) […]
यह ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ का दृश्य है, पहचानना कोई मुश्किल काम नहीं। आमतौर पर हम इस दृश्य का प्रयोग लोगों […]
हाल की घटनाओं में प्रेम का त्रिकोण तो शायद नीले ड्रम से लेकर पहाड़ी से धकेलने तक में दिख ही […]
मंदिर में साधु बना बैठा राजू गाइड असल में एक चोर था। वैसे चोर कहना तो बहुत सही नहीं होगा […]
“तुम्हारी सोच वैज्ञानिक नहीं है!”—यह जुमला पिछड़ी और विदेशी सोच के लोग अक्सर उछालते हुए मिल जाते हैं। लेकिन क्या […]
कोई नशे में अपनी पत्नी और बेटी को बेच दे, बाद में पछतावा करे, शराब छोड़ दे और मेहनत से […]