भालु कम्बल और भगवद्गीता
तो कहानी है एक साधु महाराज और उनके चेले की जो वनों-पर्वतों में स्थित किसी आश्रम से ग्राम-नगरों की ओर […]
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कभी-कभी #भगवद्गीता का अर्थ बार-बार पढ़ने पर बदल कैसे सकता है पूछने वालों को हम #मेघदूत का उदाहरण दे देते […]
मेलेना को बच्चों के देखने की फिल्म तो नहीं कहा जा सकता। हाँ ये अवश्य है कि फिल्म के मुख्य […]
पहली बार, एक नजर देखने पर “ट्राली प्रॉब्लम” ऐसा सवाल लगता है, जिसका आसानी से हल निकाला जा सकता हो। […]
एक कुर्दी फिल्म है “टर्टल्स कैन फ्लाई” जिसका नाम ही अजीब लगता है। काफी चर्चित रही इस फिल्म की कहानी […]
सुबोध घोष की कहानी “जातुगृह” पर बांग्ला फिल्म तो 1965 में बन चुकी थी। उसी कहानी को आधार बनाकर गुलज़ार […]