भालु कम्बल और भगवद्गीता
तो कहानी है एक साधु महाराज और उनके चेले की जो वनों-पर्वतों में स्थित किसी आश्रम से ग्राम-नगरों की ओर […]
तो कहानी है एक साधु महाराज और उनके चेले की जो वनों-पर्वतों में स्थित किसी आश्रम से ग्राम-नगरों की ओर […]
कभी-कभी #भगवद्गीता का अर्थ बार-बार पढ़ने पर बदल कैसे सकता है पूछने वालों को हम #मेघदूत का उदाहरण दे देते […]
पहले तो टीजर, ट्रेलर, गाने इत्यादि आते हैं और हम पहले ही ये मानकर बैठे होते हैं कि किसी पुराने […]
मेलेना को बच्चों के देखने की फिल्म तो नहीं कहा जा सकता। हाँ ये अवश्य है कि फिल्म के मुख्य […]
बोलने की आवाजें पुरानी फिल्मों में नहीं होती थीं और चार्ली चैपलिन करीब-करीब उसी दौर में फ़िल्में बनाते थे। जबतक […]
संभाजी पर हाल में बॉलीवुड में बनी एक फिल्म से विदेशों में देशभक्तों पर बनी फिल्मों की याद आई। मेरे […]
पहली बार, एक नजर देखने पर “ट्राली प्रॉब्लम” ऐसा सवाल लगता है, जिसका आसानी से हल निकाला जा सकता हो। […]
जिन्होंने हिंदी माध्यम से पढ़ाई की होती है, उनके लिए ये समझना आसान है कि योग का अर्थ होता है […]
“पढ़िए गीता; बनिए सीता; फिर इन सबमें लगा पलीता; किसी मूर्ख की हो परिणीता; निज घरबार बसाइए।“ ऐसा हम नहीं […]
किसी खिलाड़ी के लिए अभ्यास कितना उबाऊ होता होगा? मान लीजिये क्रिकेट ही खेलता है तो हर दिन सुबह उठकर […]